मुरादाबाद: सरकारी अस्पतालों से रूठा प्रसूताओं का भरोसा, पांच साल में प्रसव 40 से घटकर 17.8 फीसदी
मुफ्त दवाएं, मुफ्त जांच और सुरक्षित प्रसव के बाद भी सरकारी अस्पतालों की चौखट से अब प्रसूताओं का भरोसा रूठने लगा है। स्वास्थ्य महकमे के दावों को धता बताते हुए प्रसूताएं अब महंगे निजी अस्पतालों की शरण ले रही हैं।
मुफ्त दवाएं, मुफ्त जांच और सुरक्षित प्रसव के बाद भी सरकारी अस्पतालों की चौखट से अब प्रसूताओं का भरोसा रूठने लगा है। स्वास्थ्य महकमे के दावों को धता बताते हुए प्रसूताएं अब महंगे निजी अस्पतालों की शरण ले रही हैं।
स्रोत: अमर उजाला — उत्तर प्रदेश — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।
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