जयपुर में लोकमंथन यात्रा की शुरुआत, दीया कुमारी ने किया शुभारंभ; दिसंबर में होगा मुख्य आयोजन
जयपुर में लोकमंथन यात्रा के शुभारंभ के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनभागीदारी का दृश्य
लोकमंथन-2026 के तहत जयपुर में लोकमंथन यात्रा शुरू हुई। यात्रा गोविंद देवजी मंदिर से रवाना होकर हवामहल, बड़ी चौपड़ और अल्बर्ट हॉल होते हुए महारानी कॉलेज पहुंची, जहां लोक संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जयपुर से शुरू हुई लोकमंथन यात्रा
जयपुर: लोकमंथन-2026 के तहत सोमवार को जयपुर में 'लोकमंथन यात्रा-जयपुर महानगर' की शुरुआत हुई। उपमुख्यमंत्री एवं लोकमंथन-2026 आयोजन समिति की अध्यक्ष दीया कुमारी ने गोविंद देवजी मंदिर में दर्शन के बाद जलेबी चौक से यात्रा रथ को रवाना किया। यात्रा का उद्देश्य लोक संस्कृति, परंपराओं और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ना बताया गया है।
हवामहल से महारानी कॉलेज तक यात्रा
यात्रा गोविंद देवजी मंदिर क्षेत्र से शुरू होकर हवामहल, बड़ी चौपड़ और अल्बर्ट हॉल होते हुए महारानी कॉलेज पहुंची। रास्ते में रंगोलियों से सजावट की गई और विभिन्न स्थानों पर व्यापार मंडलों तथा समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा में नागरिकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
खेल गतिविधियों ने भी खींचा ध्यान
यात्रा के दौरान क्रीड़ा भारती से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने साइकिलिंग, स्केटिंग, फुटबॉल, कबड्डी और सतोलिया सहित पारंपरिक एवं आधुनिक खेल गतिविधियों का प्रदर्शन किया। आयोजन में लोक परंपराओं और खेल गतिविधियों को एक साथ प्रस्तुत किया गया।
महारानी कॉलेज में लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम
महारानी कॉलेज पहुंचने के बाद लोक साहित्य, लोक संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े कार्यक्रम शुरू हुए। आयोजन में लोक नृत्य, मांड़ गायन, भवई, चरी और कालबेलिया नृत्य, कच्छी घोड़ी, कठपुतली, लोकगीत और लोक साहित्य से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा लोक परंपराओं, भाषा और पहचान जैसे विषयों पर संवाद तथा गोष्ठियां भी आयोजित की जा रही हैं।
कॉलेज परिसर में लोक कला एवं संस्कृति, भारतीय शिक्षा परंपरा, संविधान, लोक विज्ञान, राजस्थान की वीर-वीरांगनाओं और औषधीय पौधों से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। खेल मैदान में कबड्डी, रस्साकशी और तीरंदाजी जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
दिसंबर में मुख्य आयोजन
जयपुर की यह यात्रा लोकमंथन-2026 के मुख्य आयोजन से पहले की गतिविधि के रूप में आयोजित की गई है। मुख्य आयोजन 4 से 6 दिसंबर 2026 तक जयपुर में प्रस्तावित है। इस बार आयोजन का केंद्रीय विषय 'हम भारत के लोग' रखा गया है। आयोजन में लोक परंपराओं, लोककला, लोकसाहित्य, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य, पारंपरिक ज्ञान और समकालीन विषयों पर संवाद को मंच देने की योजना है।
लोकमंथन यात्रा के आयोजन में प्रज्ञा प्रवाह सहित संस्कार भारती, क्रीड़ा भारती और विद्या भारती जैसे संगठनों के सहयोग का उल्लेख किया गया है। आयोजन समिति के अनुसार मुख्य कार्यक्रम से पहले राजस्थान के विभिन्न जिलों में भी यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें स्थानीय लोक कलाकारों, लोक गायकों और लोक नृत्य से जुड़े कलाकारों की सहभागिता होगी।
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