खबर
देश
Mirzapur Dialogue: ‘कालीन भैया’ की भाषा का अलग ही भौकाल है, डॉन का डायलॉग है या ‘बाबा’ का प्रवचन
मिर्जापुर में हिंसा की अपनी भाषा है लेकिन पंकज त्रिपाठी की भाषा चरम पर है. एक तरफ गोलियों की गर्जना तो दूसरी तरफ विशुद्ध साहित्यिक हिंदी. हिंसा के साथ ठहराव वाले उनके संवाद में भी कम भौकाल नहीं है.
मिर्जापुर में हिंसा की अपनी भाषा है लेकिन पंकज त्रिपाठी की भाषा चरम पर है. एक तरफ गोलियों की गर्जना तो दूसरी तरफ विशुद्ध साहित्यिक हिंदी. हिंसा के साथ ठहराव वाले उनके संवाद में भी कम भौकाल नहीं है.
स्रोत: TV9 हिंदी — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।
संबंधित खबरें
बर्थडे सेलिब्रेशन के बाद मिस्ट्री गर्ल संग दिखे एल्विश यादव, वीडियो हुआ वायरल
भारत से पंगा पड़ेगा भारी! ट्रॉफी विवाद के बाद ACC से होगी मोहसिन नकवी की छुट्टी?
RRB NTPC UG CBT-2 एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड
ट्रॉयल के लिए खुला, फिर क्यों बंद हो गया दिल्ली मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे? सामने आई वजह