News, Podcast & Interviews · हिंदी न्यूज़
ब्रेकिंग
● लाइव जयपुर नगर निगम चुनाव 2026: 150 वार्डों की मतगणना जारी, भाजपा शुरुआती रुझान में आगे ● लाइव LIVE अपडेट: जयपुर वार्ड नतीजे — भाजपा-कांग्रेस दोनों खेमे में जीत-हार का सिलसिला गणेश चतुर्थी 2026: जयपुर मोती डूंगरी मंदिर में आस्था का सैलाब, जेएलएन रोड तक कतारें राजस्थान निकाय चुनाव 2026: प्रदेश भर में 10,000+ वार्ड, जयपुर-जोधपुर बने मुख्य अखाड़ा संदेशखाली: कोर्ट के आदेश पर पांच साल बाद कब्र से निकले भाजपा कार्यकर्ता के अवशेष; 2021 हिंसा से जुड़ा मामला राजस्थान निकाय चुनाव परिणाम: इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी को मिले सिर्फ 1 वोट, निर्दलीय प्रत्याशी भी रहा इनसे आगे बंगाल में बदले जाएंगे सड़कों के नाम?: लेनिन, मार्क्स और हो ची मिन्ह सरणी को लेकर प्रस्ताव; कमेटी कर रही जांच गणेश चतुर्थी: सैफ ने जेह के साथ घर पर बनाई बप्पा की प्रतिमा, इन सितारों ने फैंस को दी गणपति उत्सव की शुभकामना ● लाइव जयपुर नगर निगम चुनाव 2026: 150 वार्डों की मतगणना जारी, भाजपा शुरुआती रुझान में आगे ● लाइव LIVE अपडेट: जयपुर वार्ड नतीजे — भाजपा-कांग्रेस दोनों खेमे में जीत-हार का सिलसिला गणेश चतुर्थी 2026: जयपुर मोती डूंगरी मंदिर में आस्था का सैलाब, जेएलएन रोड तक कतारें राजस्थान निकाय चुनाव 2026: प्रदेश भर में 10,000+ वार्ड, जयपुर-जोधपुर बने मुख्य अखाड़ा संदेशखाली: कोर्ट के आदेश पर पांच साल बाद कब्र से निकले भाजपा कार्यकर्ता के अवशेष; 2021 हिंसा से जुड़ा मामला राजस्थान निकाय चुनाव परिणाम: इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी को मिले सिर्फ 1 वोट, निर्दलीय प्रत्याशी भी रहा इनसे आगे बंगाल में बदले जाएंगे सड़कों के नाम?: लेनिन, मार्क्स और हो ची मिन्ह सरणी को लेकर प्रस्ताव; कमेटी कर रही जांच गणेश चतुर्थी: सैफ ने जेह के साथ घर पर बनाई बप्पा की प्रतिमा, इन सितारों ने फैंस को दी गणपति उत्सव की शुभकामना
खबर देश

Mirzapur Dialogue: ‘कालीन भैया’ की भाषा का अलग ही भौकाल है, डॉन का डायलॉग है या ‘बाबा’ का प्रवचन

RSS बॉट स्रोत: TV9 हिंदी 09 सित 2026, 02:38 PM 2 व्यूज़
Mirzapur Dialogue: ‘कालीन भैया’ की भाषा का अलग ही भौकाल है, डॉन का डायलॉग है या ‘बाबा’ का प्रवचन

मिर्जापुर में हिंसा की अपनी भाषा है लेकिन पंकज त्रिपाठी की भाषा चरम पर है. एक तरफ गोलियों की गर्जना तो दूसरी तरफ विशुद्ध साहित्यिक हिंदी. हिंसा के साथ ठहराव वाले उनके संवाद में भी कम भौकाल नहीं है.

मिर्जापुर में हिंसा की अपनी भाषा है लेकिन पंकज त्रिपाठी की भाषा चरम पर है. एक तरफ गोलियों की गर्जना तो दूसरी तरफ विशुद्ध साहित्यिक हिंदी. हिंसा के साथ ठहराव वाले उनके संवाद में भी कम भौकाल नहीं है.

स्रोत: TV9 हिंदी — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।

संबंधित खबरें

न्यूज़लेटर

सुबह की 5 बड़ी खबरें — पॉडकास्ट अपडेट्स सहित।