राजस्थान हाईकोर्ट का निर्देश: राजस्व अदालतें सबसे पुराने मामलों को दें प्राथमिकता
राजस्थान हाईकोर्ट ने अधीनस्थ राजस्व अदालतों को पांच से दस वर्ष या उससे अधिक पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने अधीनस्थ राजस्व अदालतों को लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। अदालत ने पांच से दस वर्ष या उससे अधिक पुराने मामलों को अलग श्रेणी में चिन्हित करने और उनकी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के तहत ऐसे पुराने मामलों को अलग पहचान देने और संबंधित पीठासीन अधिकारियों की व्यक्तिगत निगरानी में रखने की व्यवस्था बताई गई है। उद्देश्य लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण की गति बढ़ाना है।
संबंधित खबरें
यूपी: आजम खां को हिरासत में लेने के लिए पुलिस पहुंची कोर्ट, ईडी की एफआईआर में पूछताछ की तैयारी
बिहार: भाजपा के वरिष्ठ नेता और SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. आरके सिन्हा का निधन, नोएडा में ली अंतिम सांस
अलीगढ़: दूधमा में बुखार से 8 साल की बच्ची की मौत, 12 से अधिक बीमार, गांव में दहशत का माहौल
यूपी: दो पैन कार्ड मामले में आजम-अब्दुल्ला को राहत, रिहाई पर ईडी की नई एफआईआर डाल सकती है अड़ंगा
सुना है क्या: 'फंसती दिखी गर्दन तो हो लिए किनारे', साथ ही 'सोशल मीडिया वाले नेता जी व पैसा बोलता है' के किस्से
टिप्पणियाँ