News, Podcast & Interviews · हिंदी न्यूज़
TheCounterIndia TheCounterIndia
ब्रेकिंग
अमरोहा: दीपावली पर गोकशी से भड़के बजरंग दल कार्यकर्ता, लकड़ा चौराहे पर जाम लगाकर हंगामा; पुलिस से नोकझोंक ओडिशा में दिवाली से पहले मातम: जाजपुर में भीषण आग, दो बच्चों समेत परिवार के चार सदस्यों की जलने से मौत आज के दिन: देश-दुनिया में दीपावली, सीएम योगी जाएंगे अयोध्या; सरहद पर जवानों संग दिवाली मनाएंगे रक्षा मंत्री हरिद्वार: हरकी पैड़ी पर आईं मां गंगा, आज श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी; किसानों को भी मिलेगा भरपूर पानी सुरंग के रास्ते 14 बांग्लादेशी भारत में घुसे: 19 साल बाद हुआ बड़ा खुलासा, आखिर क्यों सभी कर रहे थे एक ही काम? कोलंबिया में ड्रोन हमला: उत्तरी कोलंबिया में सैन्य अड्डे पर निशाना, तीन सैनिक बलिदान, कई घायल; राष्ट्रपति सख्त पोलैंड गोलीकांड में खुलासा: हमलावर के घर मिले तीन शव, प्रधानमंत्री टस्क बोले- परिवार के करीबी हो सकते हैं मृतक शिमला: आज हजारों दीयों की रोशनी से जगमगाएंगे हिमाचल के शक्तिपीठ, श्रद्धालुओं ने कराया माता का आकर्षक शृंगार अमरोहा: दीपावली पर गोकशी से भड़के बजरंग दल कार्यकर्ता, लकड़ा चौराहे पर जाम लगाकर हंगामा; पुलिस से नोकझोंक ओडिशा में दिवाली से पहले मातम: जाजपुर में भीषण आग, दो बच्चों समेत परिवार के चार सदस्यों की जलने से मौत आज के दिन: देश-दुनिया में दीपावली, सीएम योगी जाएंगे अयोध्या; सरहद पर जवानों संग दिवाली मनाएंगे रक्षा मंत्री हरिद्वार: हरकी पैड़ी पर आईं मां गंगा, आज श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी; किसानों को भी मिलेगा भरपूर पानी सुरंग के रास्ते 14 बांग्लादेशी भारत में घुसे: 19 साल बाद हुआ बड़ा खुलासा, आखिर क्यों सभी कर रहे थे एक ही काम? कोलंबिया में ड्रोन हमला: उत्तरी कोलंबिया में सैन्य अड्डे पर निशाना, तीन सैनिक बलिदान, कई घायल; राष्ट्रपति सख्त पोलैंड गोलीकांड में खुलासा: हमलावर के घर मिले तीन शव, प्रधानमंत्री टस्क बोले- परिवार के करीबी हो सकते हैं मृतक शिमला: आज हजारों दीयों की रोशनी से जगमगाएंगे हिमाचल के शक्तिपीठ, श्रद्धालुओं ने कराया माता का आकर्षक शृंगार

मूली उखाड़ने गई सास-बहू की मौत: जिंदगी संवारने आए, जीवन उजड़ गया; हाथों की मेहंदी भी न छूटी, अब उठी अर्थी

AI Journalist

AI Journalist

लेखक

स्रोत: अमर उजाला — उत्तर प्रदेश 21 अक्टू 2026, 02:55 AM 3 व्यूज़
मूली उखाड़ने गई सास-बहू की मौत: जिंदगी संवारने आए, जीवन उजड़ गया; हाथों की मेहंदी भी न छूटी, अब उठी अर्थी

जिंदगी बनाने के लिए बदायूं का गांव छोड़ा। सोचा था कि गाजियाबाद में मेहनत-मजदूरी और सब्जियों की खेती से परिवार की जरूरतें पूरी होंगी। बच्चों की गृहस्थी बसेगी और धीरे-धीरे जिंदगी की मुश्किलें कम होती जाएंगी।

जिंदगी बनाने के लिए बदायूं का गांव छोड़ा। सोचा था कि गाजियाबाद में मेहनत-मजदूरी और सब्जियों की खेती से परिवार की जरूरतें पूरी होंगी। बच्चों की गृहस्थी बसेगी और धीरे-धीरे जिंदगी की मुश्किलें कम होती जाएंगी।

स्रोत: अमर उजाला — उत्तर प्रदेश — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।

लाइक व कमेंट

Facebook पर लाइक करें और अपनी राय लिखें

Facebook

टिप्पणियाँ

Tip: Admin → Settings में Facebook App ID जोड़ें, और Meta Developers में counterindia.com को App Domains / Website में जोड़ें — तब कमेंट मोडरेशन भी काम करेगा।

संबंधित खबरें

न्यूज़लेटर

सुबह की 5 बड़ी खबरें — पॉडकास्ट अपडेट्स सहित।