हौसले की वर्षा: दौड़ने से पहले आया दादा के निधन का फोन, आंसुओं को थाम खुद को संभाल दौड़ी, जीती
दादा के निधन की खबर ने वर्षा को भीतर तक झकझोर दिया। आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे और ट्रैक पर उतरने का वक्त करीब था। ऐसे में साथियों ने ढांढस बंधाया तो उन्होंने खुद को संभाला और दौड़ने का फैसला किया।
दादा के निधन की खबर ने वर्षा को भीतर तक झकझोर दिया। आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे और ट्रैक पर उतरने का वक्त करीब था। ऐसे में साथियों ने ढांढस बंधाया तो उन्होंने खुद को संभाला और दौड़ने का फैसला किया।
स्रोत: अमर उजाला — उत्तर प्रदेश — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।
संबंधित खबरें
सोनिया गांधी मतदाता सूची मामला: शिकायतकर्ता को दस्तावेज दाखिल करने की मिली अनुमति, 18 नवंबर को अगली सुनवाई
सुना है क्या: 'खोदा पहाड़, निकली चुहिया', 'दो बड़े भिड़े, फजीहत बड़े-बड़ों की', 'गजब का पुलिस कमिश्नरेट'
दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी: प्रतिबंधित पीएलए के वांछित सदस्य को दबोचा, मणिपुर में दर्ज है केस
बिहार: रामकुमार सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने पवन यादव को दबोचा
अलीगढ़: राजस्व निरीक्षक से लिफ्ट लेकर जेब काटने की कोशिश, 50 हजार की गड्डी सड़क पर गिरी; आरोपी फरार
टिप्पणियाँ