प्रेतशिला की खास परंपरा: पिंडदान के बाद ठहाका लगाते हैं श्रद्धालु, सत्तू अर्पितकर आत्माओं की तृप्ति की मान्यता
गयाजी की प्रेतशिला वेदी पर अकाल मृत्यु वालों के मोक्ष के लिए पिंडदान किया जाता है। यहां सत्तू अर्पण, ठहाका लगाने और ब्रह्मा के चरणचिह्नों की अनोखी धार्मिक मान्यताएं श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं।
गयाजी की प्रेतशिला वेदी पर अकाल मृत्यु वालों के मोक्ष के लिए पिंडदान किया जाता है। यहां सत्तू अर्पण, ठहाका लगाने और ब्रह्मा के चरणचिह्नों की अनोखी धार्मिक मान्यताएं श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं।
स्रोत: अमर उजाला — बिहार — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।
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