बिहार का अनोखा मंदिर: यहां लगती है पंचायती अदालत, ‘कोर्ट वाली माई’ करती हैं न्याय; जानें मंदिर की कहानी
बैकुंठ नंद उपाध्याय के मुताबिक, अंग्रेजों के शासनकाल में रतनपुरा क्षेत्र में तत्कालीन स्टेट की ओर से अदालत लगाई जाती थी। उस समय त्रिभुवनानंद उपाध्याय का स्टेट यहां संचालित था और न्यायिक फैसले भी इसी इलाके में किए जाते थे।
बैकुंठ नंद उपाध्याय के मुताबिक, अंग्रेजों के शासनकाल में रतनपुरा क्षेत्र में तत्कालीन स्टेट की ओर से अदालत लगाई जाती थी। उस समय त्रिभुवनानंद उपाध्याय का स्टेट यहां संचालित था और न्यायिक फैसले भी इसी इलाके में किए जाते थे।
स्रोत: अमर उजाला — बिहार — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।
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