जयंती पर विशेष : प्रयागराज आने का किराया जुटाने के लिए दो-राहा लिखा शैलेश मटियानी ने
पहाड़ सा संघर्ष लेकिन पढ़ना, सीखना और फिर लिखना जारी रखना। इतना जूनून हो तब कोई शैलेश मटियानी बनता है। प्रयागराज से उनका लगाव ऐसे संघर्ष को विराम सा देता है जिसकी जिंदगी के हिस्से में सिर्फ गम ही आए।
पहाड़ सा संघर्ष लेकिन पढ़ना, सीखना और फिर लिखना जारी रखना। इतना जूनून हो तब कोई शैलेश मटियानी बनता है। प्रयागराज से उनका लगाव ऐसे संघर्ष को विराम सा देता है जिसकी जिंदगी के हिस्से में सिर्फ गम ही आए।
स्रोत: अमर उजाला — उत्तर प्रदेश — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।
संबंधित खबरें
बिहार: खड़े हार्वेस्टर से टकराया छात्रों से भरा ऑटो, इंजीनियरिंग कॉलेज के दो छात्रों की मौत; आठ घायल
सहपऊ: गारमेंट की दुकान में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, कपड़ा-अन्य सामान जलकर राख, लाखों का नुकसान
अपनों के बिना गुजरेगी इनकी दिवाली: वृद्धाश्रमों में अकेले मनेगी बुजुर्गों की दीपावली, आंखें कर रहीं इंतजार
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 8 नवम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
बिहार: खाना खाकर घर से निकला था मजदूर, सुबह मौत की खबर आई; तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
टिप्पणियाँ