ट्रेन का लोको पायलट ट्रेन चलाने के दौरान वॉशरूम के लिए कहां जाता है? जानेंगे तो हैरान हो जाएंगे
ट्रेन के लोको पायलट के केबिन में आमतौर पर यात्रियों की तरह अलग वॉशरूम की सुविधा नहीं होती। लंबी दूरी की ड्यूटी में उन्हें प्राकृतिक जरूरतों के लिए संचालन और निर्धारित ठहराव के बीच उपलब्ध व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है।
ट्रेन के लोको पायलट के केबिन में आमतौर पर यात्रियों की तरह अलग वॉशरूम की सुविधा नहीं होती। लंबी दूरी की ड्यूटी में उन्हें प्राकृतिक जरूरतों के लिए संचालन और निर्धारित ठहराव के बीच उपलब्ध व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है।
स्रोत: अमर उजाला — ब्रेकिंग — पूरी खबर मूल साइट पर पढ़ें।
संबंधित खबरें
किंग: ‘इस बार दिल में आग लगी है’, शाहरुख के बर्थडे पर फैंस को बड़ा तोहफा; रिलीज हुआ फिल्म का पहला गाना
बंगाल: दक्षिण 24 परगना में चर्च उद्घाटन समारोह में तोड़फोड़, पादरी-श्रद्धालुओं पर हमला; ईसाई संगठनों में रोष
ऑर्कुट की वापसी: 30 करोड़ लोगों को जोड़ने वाला सोशल नेटवर्क क्यों हुआ बंद, अब कैसे कर रहा लौटने की तैयारी?
राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर जेल भेजेंगे
तमिलनाडुः नाबालिगों के यौन शोषण मामले में बिजनेसमैन एन प्रकाश के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी, सबूत मिटाने के हैं आरोप
टिप्पणियाँ