यूपी: 'काम के बोझ की आड़ में रिमांड नहीं दे सकते मजिस्ट्रेट', गिरफ्तारी मेमो की खामियों पर हाईकोर्ट सख्त
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि काम के बोझ का हवाला देकर रिमांड मजिस्ट्रेट आननफानन आरोपी को न्यायिक या पुलिस अभिरक्षा में नहीं भेज सकते। यह न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि आरोपी के मौलिक अधिकारों का हनन भी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि काम के बोझ का हवाला देकर रिमांड मजिस्ट्रेट आननफानन आरोपी को न्यायिक या पुलिस अभिरक्षा में नहीं भेज सकते। यह न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि आरोपी के मौलिक अधिकारों का हनन भी है।
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