बिहार: क्यों जीते-जी अपना पिंडदान कराते हैं लोग? गयाजी में आज भी जिंदा है ये सदियों पुरानी परंपरा
गयाजी के जनार्दन स्वामी मंदिर में आत्म पिंडदान की प्राचीन धार्मिक परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता के अनुसार विशेष परिस्थितियों में जीवित व्यक्ति स्वयं अपना पिंडदान करा सकता है। जानिए इस परंपरा से जुड़े नियम, मान्यताएं और धार्मिक महत्व।
गयाजी के जनार्दन स्वामी मंदिर में आत्म पिंडदान की प्राचीन धार्मिक परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता के अनुसार विशेष परिस्थितियों में जीवित व्यक्ति स्वयं अपना पिंडदान करा सकता है। जानिए इस परंपरा से जुड़े नियम, मान्यताएं और धार्मिक महत्व।
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